सन्भल के चलअ बबुआ
शहर के डगरिया बा पुरानी
यहाँ जंगल बसल बा
बस कहे के ,नाम राजधानी
जो अब हम कहत बानी
ई बात बा बहुत
पुरानी
पहिले ई शहर रहे
जंगल
जंगल पर रहे भरपूर
जवानी
तब ही सरकार के सूझल
एक समझदार नादानी
जंगल हटा के बन गईल
शहर
फिर ई बनल राजधानी
पर संसद से जानवर के बोली
हम आज भी सुनत बानी
सन्भल के चलअ बबुआ
शहर के डगरिया बा पुरानी
यहाँ जंगल बसल बा
बस कहे के ,नाम राजधानी
अंधेर नगरी और चौपट
राजा
के सुनल होवे कहानी
पर यहाँ अंधरिया रात में
दिया जलावे के ना
करीह नादानी
सन्भल के चलअ बबुआ
शहर के डगरिया बा पुरानी
यहाँ जंगल बसल बा
बस कहे के ,नाम राजधानी
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