मुझे लगता है की हर मनुष्य में कई किरदार बसते हैं , मैंने अपने अंदर के किरदारों और उनके निर्णय से उपजे विरोधाभासों को मंच देने के लिए इस ब्लॉग का निर्माण किया है
ऐ मेरी परी , तू कभी ना घबराना अश्क से इश्क का है रिश्ता पुराना
अभी मिलन पथ पर कोहरे घने हैं हर संभव दुर्घटना के आसार बने हैं कभी उठती आशंकाएं तो कभी बाधायें और सभी हमें दोषी मानकर तने हैं पर जिनको हाल-ए-दिल पता नहीं है उनकी बात ; क्या दिल से लगाना ऐ मेरी परी , तू कभी ना घबराना अश्क से इश्क का है रिश्ता पुराना
मेरा प्यार अदा का दीवाना नहीं है महज जरूरत का निशाना नहीं है वक्त के साथ स्वतः ही ये पनपा बलात् कोशिशों का फ़साना नहीं है आपही जन्मी चीजें , शाश्वत होती हैं अक्सर मुमकिन नहीं है होता इन्हें मिटाना ऐ मेरी परी , तू कभी ना घबराना अश्क से इश्क का है रिश्ता पुराना
मेरा दिल था गीली मिट्टी का टुकड़ा तेरी मूर्ति को जब इसने मजबूती से जकडा वक्त की आग से अब पथराई मिट्टी बहुत मुश्किल है अब मूर्ति को हटाना लाख कोशिशों से भी हटाया गया तो नामुमकिन ही होगा , दूसरे को बिठाना ऐ मेरी परी , तू कभी ना घबराना अश्क से इश्क का है रिश्ता पुराना
ये मुश्किलें कतई हमारी दुश्मन नहीं हैं बगैर इनके प्यार में गहराई मुमकिन नहीं है काम है इनका बस , मिलन सुख बढाना हारकर है इन्हें एक दिन लौट जाना बिन इनके नीरस होती हमारी कहानी अब होगा यादगार अपना भी फ़साना ऐ मेरी परी , तू कभी ना घबराना अश्क से इश्क का है रिश्ता पुराना